उत्तर प्रदेश UP माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। नई व्यवस्था के तहत डिजिटल निगरानी, कम परीक्षा केंद्र और अभिभावकों की जिम्मेदारी तय की गई है। साथ ही छात्रों का तनाव कम करने के लिए ऑनलाइन मार्गदर्शन सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें तैयारी की रणनीति और परीक्षा अनुशासन पर चर्चा हुई।
UP परीक्षा में सख्ती और नई मॉनिटरिंग व्यवस्था
इस साल UP Board Exam 2026 को लेकर परिषद ने साफ संदेश दिया है कि परीक्षा अब पूरी तरह निगरानी आधारित होगी। केंद्रों की संख्या पहले की तुलना में कम कर दी गई है ताकि बेहतर कंट्रोल रखा जा सके। अब लगभग हर केंद्र पर CCTV और लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था होगी। एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से परीक्षा गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
छात्रों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी शॉर्टकट से बचें और समय से पहले एडमिट कार्ड व पहचान पत्र तैयार रखें। बोर्ड ने अभिभावकों से भी कहा है कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने में सहयोग करें।डिजिटल मॉनिटरिंग का उद्देश्य सिर्फ नकल रोकना नहीं बल्कि निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करना भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मेधावी छात्रों को फायदा मिलेगा और परिणाम अधिक विश्वसनीय होंगे।
छात्रों के लिए गाइडेंस, हेल्पलाइन और स्किल फोकस
तैयारी संबंधी मार्गदर्शन:
- परीक्षा पैटर्न समझाने के लिए मॉडल पेपर जारी
- तैयारी रणनीति के लिए ऑनलाइन गाइडेंस सत्र
- टाइम मैनेजमेंट और रिवीजन तकनीक बताई गई
- परीक्षा तनाव कम करने के उपाय समझाए गए
हेल्पलाइन सहायता:
- परीक्षा संबंधी समस्याओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
- एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र और नियमों से जुड़ी मदद
- छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए सपोर्ट उपलब्ध
शैक्षणिक ट्रैकिंग:
- कक्षा 9 और 11 से रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
- छात्रों की पढ़ाई और प्रदर्शन की निरंतर निगरानी
कौशल विकास पर जोर:
- पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल और व्यावसायिक स्किल सीखने की प्रेरणा
- करियर उन्मुख शिक्षा पर फोकस
- भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर का लक्ष्य
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